पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान | Pit Ki Thaili Nikalne Ke Nuksan | गाॅल ब्लेडर (Gallbladder) सर्जरी के नुकसान

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क्या आप भी अपनी पित्त की थैली को लेकर परेशान हैं? क्या आप पित्त थैली निकालने की सोच रहे हैं या आप पित्त की थैली के बाद क्या क्या नुकसान होते हैं- यह जानते हैं। तो आप बिल्कुल, सही जगह पहुँचे हैं। जी हां, भारत की नम्बर इस हेल्थ वेबसाइट HealthNeed. In में आपका स्वागत है।

आज यहाँ हम आपको पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान क्या होते हैं (Pit Ki Thaili Nikalne Ke Nuksan) इसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं। पित्ताशय में कोलेस्ट्रॉल बढने के कारण एवं पित्त दोष होने से क‌ई रोग शरीर को जकड़ लेते हैं। इनमें से एक भयंकर रोग पथरी भी है। यहाँ हम आपको भारत के आयुर्वेदिक Expert Doctor एवं आयुर्वेद, होम्योपैथ आदि के विशेषज्ञों के निष्कर्ष परामर्श एवं सुझाव को साझा कर रहे हैं।

विशेष रूप से यदि आप पित्त की थैली के बाद नुकसान क्या होते हैं? क्या पित्त की थैली निकालने से कोई नुकसान नहीं होता है। इसके फायदे क्या हैं एवं नुकसान क्या हैं- इसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं। अतः यदि आप भी पित्त की थैली से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारी को अच्छे से समझना चाहते हैं तू इस आर्टिकल को अंदर तक अवश्य पढ़ते रहिए यहां पित्त की थैली के बाद नुकसान एवं फायदे इत्यादि की सारी जानकारी दी गई है।

पित्त की थैली कब निकालनी चाहिए? Pit ki thaili kab nikalni chahiye

किसी के साथ यदि गोल ब्लैडर यानि पित्त रोग से सम्बंधित समस्या चली आ रही हो तो इसका निवारण अवश्य करना चाहिए। यदि पित्त की थैली में पथरी हो या पेट में तेज दर्द हो तो ऐंसे में पित्त की थैली निकलवा देनी चाहिए। इसके अलावा यदि पथरी का आकार तीन या चार सेंटीमीटर हो तो इसे निकलवा देना चाहिए।

परन्तु इस बात का भी ध्यान रखें कि पित्त की थैली निकालने के बाद कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। ऐंसे में आपको यह जरूर जान लेना चाहिए कि पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान क्या होते हैं, जिसकी जानकारी यहाँ आगे दी जा रही है।

 

पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान | Pit Ki Thaili Nikalne Ke Nuksan

पित्त की थैली का हमारे शरीर में बहुत बड़ा योगदान है। यह बाइल जूस तानि पित्त को संचालित करता है। शरीर में तीन तत्व- वात, पित्त एवं कफ होते हैं। इन तीनों का होना अत्यावश्यक है।

इसके अलावा इससे ज्यादा जरूरी यह है कि ये बैलेंस में रहें, ताकि शरीर को किसी भी प्रकार के रोग का सामना न करना पड़े, लेकिन यदि किसी परिस्थिति में आपको पित्त की थैली निकलवानी पड़ रही हो तो आपको पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान जरूर जान लेने चाहिए। पित्त की थैली निकालने से होने वाले नुकसान यहाँ आगे बताए गये हैं।

पेट में दर्द

अनुभव एवं शोध के आधार पर यह पाया गया है कि पित्त की थैली निकालने के बाद अक्सर एक दीर्घकालिक पेट दर्द की समस्या हो सकती है। यह पेट दर्द ज्यादा भी हो सकता है लेकिन इससे आपको डरना नहीं चाहिए। बल्कि इसके लिए आप पित्त की थैली निकालने के बाद अपने भोजन पर विशेष ध्यान दें। कोशिश करें कि साधारण फास्ट फूड ही लें। ऐसा भोजन ना करें जिससे पेट में पाचन समस्या की गड़बड़ी हो।

पेट खराब होना या दस्त

गोल ब्लैडर अर्थात पित्त की थैली निकालने के बाद पेट खराब होने की समस्या भी देखी जाती है। बहुत से लोगों के साथ ऐसी दिक्कत होती है कि गोल ब्लैडर निकालने के बाद बार-बार दस्त की समस्या का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, पित्त की थैली निकालने के बाद कभी-कभी तो यह दस्त की समस्या कुछ लोगों के साथ सालों साल तक भी लगातार बनी रहती है।

ऐसी स्थिति में आपको अपने चिकित्सक से जरूर परामर्श लेना चाहिए और HealthNeed.in राय मानें तो अपने भोजन और अपनी लाइफ स्टाइल का भी विशेष ध्यान रखें।

अपचन की समस्या

गोल ब्लैडर निकालने के बाद पाचन तंत्र में अक्सर कुछ लोगों के साथ गड़बड़ी देखी गयी है। इसका कारण यह होना संभव है कि पित्त की थैली निकालने के बाद भोजन सीधे आंतो में पहुँचता है। परिणामस्वरूप आंतों को पाचन क्रिया संचालित करनी होती है।

जब तक पित्त की थैली शरीर में होती है तो यह सारा कार्य बाइल जूस के द्वारा होता है। Pit ki thaili सर्जरी के बाद यह सारा दबाव आंतों पर पड़ जाता है। अतः पित्त की थैली निकालने के बाद अपचन की समस्या हो सकती है। यह भी एक पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान ही है।

कब्ज की समस्या

पित्त की थैली निकालने से कब्ज की एक बड़ी समस्या हो सकती है। यह भोजन अच्छे से न पचने एवं मेटाबोलिज्म प्रक्रिया के कारण हो सकता है। चूँकि जब कोई पित्त की थैली निकलवाता है तो उसके बाद उसे डाक्टर्स परामर्श अनुसार तरह तरह की दवाइयां भी समय समय पर लेनी पड़ती हैं। इन दवाइयों के कारण भी शरीर में कब्ज की प्रोबलम हो सकती है। ऐंसे में आपको जरूरत है कि ऐंसा भोजन करें जिसमें फाइबर शामिल हो।

 

पीलिया रोग होना (जाॅन्डिस)

कुछ मामलों में यह भी पाया गया है कि गोल ब्लैडर अर्थात् पित्त की थैली को निकालने के बाद पीलिया अर्थात् जाॅन्डिस बीमारी भी होती है। जब आप पित्त की थैली की सर्जरी करवाते हैं तो हो सकता है कि इसके बाइल डक्ट में कुछ पथरी के पार्ट रह गये हों। यदि ऐंसा होता है तो यह आंतों में पित्त के प्रवाह को ब्लॉक कर सकता है। परिणामस्वरूप गंभीर बुखार, उल्टी दस्त और पीलिया भी हो सकता है।

थकान और कमजोरी

गोल ब्लैडर (Gallbladder) यानि पित्त की थैली निकालने के बाद यह एक आम समस्या होती है। थकान व शरीर में कमजोरी महसूस करना एवं इसके अलावा चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। HealthNeed. In के विशेषज्ञों के अनुसार पित्त की थैली निकालने के बाद पेट से सम्बन्धित विभिन्न रोग हो सकते हैं। सामान्य थकान व कमजोरी होना भी इसमें शामिल है। ऐंसे में आपको उचित परामर्श लेनी चाहिए।

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पित्त की थैली निकालने के बारें में अंतिम परामर्श

शरीर में वात हो या फिर कफ या पित्त, किसी में भी यदि कोई गड़बड़ी होने लग जाए तो शरीर को अनेकों रोगों के रूप में इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ऐंसे में सबसे प्राथमिक बात एवं सलाह यही है कि शुरुआत से ही अपने शरीर में इन दोषों के बैलेंस को बना कर रखें।

फिर भी यदि पित्त की थैली बढ गयी हो या इसमें कोलेस्ट्रॉल ज्यादा बन रहा हो तो ऐंसे में आपको समय पर इसका उपचार जरूर करना चाहिए। इसके अलावा आज के इस आर्टिकल में पित्त की थैली निकालने के बाद नुकसान क्या हो सकते हैं- Pit Ki Thaili Nikalne Ke Nuksan इसकी जानकारी भी यहाँ विस्तारपूर्वक दी गयी है। पित्त की थैली निकालने से क्या होता है, pitt ki thaili nikalne par kya hota hai

यदि आपको फिर भी कुछ पूछना हो या आपका कोई सवाला हो तो आप नीचे कमेंट करके भारत की नम्बर 1 healthneed.in वेबसाइट के हेल्थविशेषज्ञों से उनकी राय आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आप बेझिझक अपना सवाल नीचे कमेंट बाॅक्स में रख सकते हैं।

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